अध्याय ७ में नारी के अधिकारों और पुरुषों की सोच पर प्रकाश डाला गया है। कहानी में यह सवाल उठाया गया है कि बच्चों की संख्या और लिंग का निर्णय अक्सर पुरुष या परिवार द्वारा लिया जाता है, जबकि नारी की सहमति या उसकी भावनाओं का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। यह बताया गया है कि नारी को केवल दर्द सहना पड़ता है और उसके कमजोर शरीर को नजरअंदाज किया जाता है। पुरुष केवल अपने वंश को आगे बढ़ाने की सोच रखते हैं और अगर बेटा नहीं होता है, तो इसका दोष नारी पर डाल दिया जाता है। समाज में यह मानसिकता गहरी जड़ें जमा चुकी है कि नारी को निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। कहानी में यह भी दर्शाया गया है कि ऐसे पुरुष जो समाज में सभ्य होने का दिखावा करते हैं, वास्तव में नीच प्रवृत्ति के होते हैं। वे अजन्मी बच्चियों के खिलाफ अपराध करते हैं और फिर पूजा-पाठ का दिखावा करते हैं। अंत में, लेखक पुरुषों से सवाल करता है कि वे क्यों ऐसे पाप करते हैं और नारी के जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं। आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ७ DILIP UTTAM द्वारा हिंदी महिला विशेष 3.6k 3.7k Downloads 8.4k Views Writen by DILIP UTTAM Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ----अध्याय ७. अंश पर ही अधिकार नहीं ----- बच्चे कितने पैदा करना है, यह भी ज्यादातर पुरुष ही निर्णय लेता हैं क्यों? या घर वाले निर्णय लेते हैं क्यों? क्या नारी(माँ) की सहमति की जरुरत नहीं है? और आज भी अधिकतर ये चुनना आपसी सहमति से नहीं होता हैं क्यों? ----- जहां नारी-जाति का आदर-सम्मान होता है, वहां ऐसा नहीं हो सकता है जहां नारी-जाति का आदर-सम्मान नहीं होता है, वहां ऐसा ही होता है ----- जबकि दर्द नारी(माँ) को होता है, शरीर नारी का होता है, सहना नारी को पड़ता है, शरीर कमजोर नारी का होता है Novels आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) "अर्धांगिनी"----- कहने को अर्धांगिनी कहा जाता है परंतु आधा हिस्सा दिया किसने, आधा हक दिया किसने, और आधा अधिकार/मान-सम्मान दिया किसने, आधा तो... More Likes This Mafia's Possession - Chapter 1 द्वारा Luna Rinn MISS CEO WOMAN - 1 द्वारा Raju kumar Chaudhary देवी उवाच द्वारा Bharati babbar सन्यासी -- भाग - 33 द्वारा Saroj Verma किरदार से आगे !(Beyond the Character) द्वारा Heena Vankar ज़िंदगी तू क्या नहीं देती - एक टूटी हुई लड़की की सच्ची कहानी - 1 द्वारा Priya दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 3 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी