इस अध्याय में नारी की स्थिति और पुरुषों की सोच पर विचार किया गया है। लेखक सवाल उठाते हैं कि क्यों पुरुष नारी को कमजोर मानते हैं, जबकि जन्म के समय दोनों समान होते हैं। यह सोच कैसे विकसित होती है कि पुरुष खुद को ताकतवर मानते हैं? लेखक का कहना है कि महिलाओं को अपनी ताकत दिखाने का मौका नहीं मिलता, जिसके कारण उनकी प्रतिभा दब जाती है। वे उदाहरण देते हैं कि आम पुरुष, जो खुद को पहलवान समझता है, क्या वह मशहूर महिला एथलीटों से जीत सकता है? इसके लिए नारी को अवसर देने की आवश्यकता है। लेखक का मानना है कि नारी कमजोर नहीं है, बल्कि उसके अधिकारों को दबाने से वह कमजोर बनती है। दोनों लिंगों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, तभी समाज में संतुलन और खुशहाली आ सकेगी। लेखक पुरुषों को चुनौती देते हैं कि वे नारी को समानता और अधिकार दें और देखें कि कौन कितना सक्षम है। अंत में, लेखक नारी और पुरुष दोनों की महानता की बात करते हैं और एक सम्मानजनक संबंध की आवश्यकता पर जोर देते हैं। आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ६ DILIP UTTAM द्वारा हिंदी महिला विशेष 2.6k Downloads 8.1k Views Writen by DILIP UTTAM Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण -----अध्याय ६."मेरा भी वजूद है |"----- पुरुष जाति, नारी जाति को कमजोर क्यों समझता है? पुरुष जाति यह गलतफहमी में क्यों है, कि नारियां कमजोर होती है? क्या जन्म से ही पुरुष पहलवान होता है? क्या जन्म से ही नारी कमजोर होती है? जन्म के समय चाहे वह लड़का हो या लड़की हो समान होते हैं तो फिर आखिर पुरुष अपने आप को पहलवान /ताकतवर कैसे मानने लगता है ,कैसे हो जाता है? ------ क्या एक आम नागरिक /एक आम पुरुष जो दम भरता रहता है, जो पहलवान बनता रहता है, जो मर्द बनता रहता है वो क्या मैरीकॉम Novels आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) "अर्धांगिनी"----- कहने को अर्धांगिनी कहा जाता है परंतु आधा हिस्सा दिया किसने, आधा हक दिया किसने, और आधा अधिकार/मान-सम्मान दिया किसने, आधा तो... More Likes This अदृश्य पीया - 16 द्वारा Sonam Brijwasi ज़ख्मों की शादी - 5 द्वारा Sonam Brijwasi डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 1 द्वारा Jyoti Prajapati दो पतियों की लाडली पत्नी - 7 द्वारा Sonam Brijwasi लाल दाग़ - 1 द्वारा ARTI MEENA मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 1: निर्वस्त्र द्वारा Varun Vilom इस घर में प्यार मना है - 6 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी