इस कहानी में तनु और परम का एक सामान्य सुबह का अनुभव दर्शाया गया है। सुबह साढ़े सात बजे जब तनु की नींद खुलती है, वह देखती है कि वह परम के सीने पर सिर रखकर सो रही है। दोनों के बीच प्यार भरी बातें होती हैं, जिसमें परम तनु की नींद को देखकर खुशी महसूस करता है। तनु चाय बनाने के लिए नीचे जाती है, और परम समाचार पत्र पढ़ते हैं, जिसमें तनु के पिता का एक लेख होता है। यह लेख उनके पिता भरत भाई देसाई का है, जो एक प्रसिद्ध न्यूज चैनल और समाचार पत्र के मालिक हैं। तनु ने पहले भी परम से मिलने के समय अपने पिता के काम के बारे में बताया था। परम और तनु भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हैं, जिसमें परिवार को घर बुलाने की चर्चा होती है। परम तनु को आश्वस्त करता है कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। दोनों के बीच प्यार और समर्थन का एक खूबसूरत रिश्ता दिखाई देता है। फिर, सुबह का नाश्ता करने के बाद, दोनों सुपर मार्केट जाते हैं और सामान खरीदते हैं। तनु कुछ बचा हुआ सामान लाने का सुझाव देती है ताकि उन्हें दोबारा नहीं आना पड़े। कहानी में उनके बीच की बातचीत और प्रेमिल क्षणों को दर्शाया गया है, जो उनकी जिंदगी की खुशियों को उजागर करता है। एक जिंदगी - दो चाहतें - 20 Dr Vinita Rahurikar द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 7.5k 2.5k Downloads 8.1k Views Writen by Dr Vinita Rahurikar Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-20 सुबह के साढ़े सात बज गये थे जब तनु की नींद खुली। उसने देखा वह वैसे ही परम के सीने पर सिर रखकर सो रही है। तनु उठकर बैठ गयी। परम उसे देखकर मुस्कुरा रहा था। 'आप सारी रात ऐसे ही लेटे रहे बाप रे। आपका हाथ सुन पड़ गया होगा। आपने मुझे तकिये पर क्यूँ नहीं सुला दिया। तनु झेंप कर बोली 'मैं भी तो ऐसे घोड़े बेचकर सो जाती हूँ कि बस कुछ होश ही नहीं रहता। 'ऐ पगली! तो क्या हुआ। तुझे चैन से सेाते देखकर मेरे दिल को Novels एक जिंदगी - दो चाहतें बचपन से ही भारतीय सेना के जवानों के लिए मेरे मन में बहुत आदर था। मेरे परिवार में कोई भी सेना में नहीं है। मैंने सिर्फ सिनेमा में सैनिकों के बहादुरी भर... More Likes This सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey बलवीर की बल्ली - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बड़े दिल वाला - भाग - 1 द्वारा Ratna Pandey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी