गौरी पढ़ाई में अच्छी थी, हमेशा तीसरे या चौथे नंबर पर आती थी और सभी टीचर्स उसे पसंद करते थे। वह एक धनी परिवार की बेटी होते हुए भी घमंड नहीं करती थी। उसकी मां की मेहनत ने उसे जमीन से जोड़े रखा। आठवीं कक्षा में उसे लिखने का शौक लगा, और उसकी दोस्त रश्मि ने उसे प्रोत्साहित किया। गौरी ने एक गांधी डायरी में अपनी कविताएं लिखनी शुरू की। दसवीं तक उसका लेखन परिपक्व हो गया था और उसे विद्यालय की स्मारिका में स्थान मिला। गौरी ने सरस्वती पूजा के अवसर पर सरस्वती वंदना लिखी और उसे सराहा गया। उसके माता-पिता ने उसे लक्ष्मी और सरस्वती माना। गौरी के बड़े भाई ने भी उसे अपनी रचनाएं सुनाई। दोनों भाई-बहन एक-दूसरे के साथ लेखन में सहयोग करते थे। बारहवीं के बाद गौरी कॉलेज जाने की इच्छा रखती थी, लेकिन बुंदेला परिवार का विवाह प्रस्ताव आ गया। उसके परिवार ने उसकी इच्छा पूछने के बजाय समझाने का काम किया, मानते हुए कि वह शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। शादी के बाद ससुराल में उसे अपनी इच्छाओं को दबाना पड़ा। उसकी सास ने उसे 'मुंहफट' कहा, जिससे गौरी को यह समझ में आया कि सच बोलना भी एक गुनाह हो सकता है। बड़ी बाई साब - 14 vandana A dubey द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 41.5k 6.7k Downloads 12.7k Views Writen by vandana A dubey Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पढ़ाई में अच्छी थी गौरी. क्लास में अव्वल तो नहीं, लेकिन तीसरे या चौथे नम्बर पर रहती थी हमेशा. सारे टीचर्स बहुत प्यार करते थे गौरी को. इतने धनाड्य परिवार की बेटी हो के भी घमंड नाममात्र को न था उसे. इतने लाड़-प्यार ने भी बिगाड़ा नहीं था गौरी को. ये शायद उसकी मां की मेहनत थी, जो उसके पांव, इतने बिगाड़ने वाले माहौल में भी ज़मीन पर रखे रहीं. आठवीं में पढ़ती थी, तभी से उसे लिखने का शौक हुआ. ये गुण जन्मजात रहा होगा, बस प्रस्फ़ुटित नहीं हो पाया था. यहां क्लास में उसकी पक्की सहेली थी रश्मि, Novels बड़ी बाई साब “ ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !!.......नीचे मंडप में पंडित जी कलश स्थापना कर रहे थे. खिड़की से सिर... More Likes This कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी