कहानी "मुख़बिर" में राजनारायण बोहरे ने एक डकैती के बाद की स्थिति का वर्णन किया है। कहानी में एक समूह, जिसमें लुटेरे और अपहृत लोग शामिल हैं, एक साथ भोजन कर रहे हैं। लुटेरों ने पन्द्रह हजार चार सौ अस्सी रुपये लूटे हैं और उनमें से कुछ पैसे को लेकर बातचीत हो रही है। लुटेरे कृपाराम और श्यामबाबू के बीच विवाद है कि महिलाओं से जेवर उतरवाने चाहिए थे। कृपाराम लूट की राशि से संतुष्ट है, जबकि श्यामबाबू अधिक लालच दिखा रहा है। अपहृत लोग भयभीत हैं और लुटेरों की नजर में उनकी कीमत है। भोजन के दौरान, लुटेरे अपहृत लोगों को तिरस्कार करते हैं और उन्हें यह बताते हैं कि ऐसी स्थिति हर दिन नहीं होगी। कहानी में यह भी दर्शाया गया है कि लुटेरे कितने डरपोक हैं, जबकि वे बाहर से मजबूत और निर्दयी दिखाई देते हैं। अपहृत लोग सोचते हैं कि क्या उन्हें कभी पर्याप्त भोजन नहीं मिलेगा, और अंत में, वे लुटेरों की मानसिकता को समझते हैं, जो हर पल मौत के डर में जीते हैं। कहानी मानवता, भय और अस्तित्व के संघर्ष को दर्शाती है। मुख़बिर - 10 राज बोहरे द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 13.2k 4.5k Downloads 11.3k Views Writen by राज बोहरे Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सौ, पचास, दस और पांच-पांच के नांटों की अलग-अलग गड्डी बनाके मैंने और लल्ला ने रूपये गिनना शुरू कर दिया । जब तक सब्जी बनी, तब तक नोट गिने जा चुके थे । मैं बोला-‘‘ मुखिया, जे नोट तो पन्द्रह हजार चार सौ अस्सी है,।‘‘ ‘‘मुखिया पुरी काहे में काड़ेंगे ?‘‘ ‘‘मादरचो…, हिना का कडा़ई दीख रही है तो खों । जा अपनी मइयो की …. में काढ़ ले ! जा भगोनी नाय दीख रही तोखेां ?‘‘ Novels मुख़बिर मैंने इस बार शायद गलत जगह पांव रख दिया था। पांव तले से थोड़ी सी मिट्टी नीचे को रिसकी थी, जिससे हल्की सी आवाज हुई। मुझे लगा, मेरी गलती से शोर पैदा हो रह... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी