बिराज बहू - 13 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

बिराज बहू - 13

Sarat Chandra Chattopadhyay मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

वैसे बिराज का मर जाना ही ठीक था, पर वह मरी नहीं। कई दनों से भूख और दु:ख-दर्द से आहत थी। अपमान की चोटों से उसका दुर्बल मस्तिष्क खराब हो गया। उसी रात मरने के चन्द क्षणों पूर्व उसने ...और पढ़े

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