इस कहानी में आधुनिक मध्यम वर्गीय परिवारों की स्थिति का वर्णन किया गया है, जहां माता-पिता अपने बच्चों को स्मार्टफोन जैसी सुविधाएं देने के लिए विज्ञापनों से प्रभावित हो रहे हैं। माता-पिता की जिद और बच्चों की लगातार मांगों का सामना करने की क्षमता कम हो रही है, जिससे वे बच्चों को मोबाइल जैसे उपकरण देकर उनकी जिद को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। महंगे प्राइवेट स्कूल भी बच्चों का होमवर्क मोबाइल पर भेज रहे हैं, जबकि एडमिशन के समय अभिभावकों पर स्कूल डायरी का बोझ डालते हैं। साथ ही, मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियां भी कामुकता को बढ़ावा देने वाले संदेश और ऐप्स के माध्यम से बच्चों को नकारात्मक सामग्री की ओर आकर्षित कर रही हैं। कहानी में यह चिंता जताई गई है कि ऐसे माहौल में बच्चों को इन कामुक चीजों से बचाना मुश्किल होगा। स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले अधिकांश लोग इसके सभी फंक्शन नहीं जानते, और इस तकनीकी युग में बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। अंत में, यह सुझाव दिया गया है कि सरकार को ऐसे ऐप्स और विज्ञापनों पर रोक लगानी चाहिए, लेकिन यह मुश्किल है क्योंकि यह कारपोरेट हितों से प्रभावित है। कुल मिलाकर, यह कहानी आधुनिकता, माता-पिता की चिंताओं और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है। कहाँ जाना है, कहाँ जा रहे हैं? Vijay Vibhor द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.3k 3.7k Downloads 16.1k Views Writen by Vijay Vibhor Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आधुनिक मध्यम वर्गीय परिवारों में इतनी-सी सम्पन्नता तो आ ही गयी है कि वह विज्ञापनों से प्रभावित होकर बाजार के हवाले हो जाते हैं और अपने बच्चों को हर वह चीज/सुविधा उपलब्ध करवाना चाहते हैं जिनसे वह बचपन में अछूते रह गए थे| अब इसे आधुनिकता का जनून कहे या आधुनिक और संपन्न होने का दिखावा, आज ढ़ाई-तीन साल के बच्चों को भी हमनें स्मार्ट फोन थमा रखा है| इसके पीछे के बड़ा कारण यह भी हो सकता है कि वर्तमान आधुनिक माता-पिता में बच्चो की प्यारी जिद्द या उनके द्वारा बार-बार दोहराये जाने वाले प्रश्नो का सामना करने की More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी