अध्याय 3 "दोगलापन" में नारी के प्रति समाज के रवैये और उसके शोषण की गहरी चर्चा की गई है। कहानी की शुरुआत इस सवाल से होती है कि महिलाओं को ही क्यों पूरा ज्ञान दिया जाता है, जबकि पुरुषों को नहीं। यह भेदभाव घर से ही शुरू होता है, जहां परिवार चाहते हैं कि आने वाला बच्चा लड़का हो। कहानी में यह भी बताया गया है कि लड़कों को अपनी मर्जी से जीने की स्वतंत्रता होती है, जबकि लड़कियों को नहीं। समाज के नियम और कानून अक्सर महिलाओं के खिलाफ होते हैं, और पुरुषों पर लागू नहीं होते। नारी की आवाज़ में, वह भगवान से सवाल करती है कि क्या उसे केवल छल और कपट के लिए बनाया गया है। वह अपने दर्द और शोषण को व्यक्त करती है और सवाल करती है कि समाज में उसकी स्थिति क्यों इतनी कमजोर है। कहानी में नारी के शोषण के कई तरीकों का उल्लेख किया गया है, जैसे मां का बेटों को अधिक प्यार करना और बेटियों के साथ भेदभाव करना। यह सब पुरुषों की रूढ़िवादी सोच और नकारात्मक दृष्टिकोण के कारण होता है। अंत में, नारी की अग्निपरीक्षा का जिक्र होता है, जहां हर मोड़ पर उसे अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यह अध्याय नारी के अधिकारों और उसकी स्थिति में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय ३ DILIP UTTAM द्वारा हिंदी महिला विशेष 1.5k 4.1k Downloads 10.3k Views Writen by DILIP UTTAM Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण -----अध्याय ३. दोगलापन ----- हमेशा पूरा ज्ञान नारी को ही क्यों दिया जाता है? पुरुषों को पूरा ज्ञान क्यों नहीं दिया जाता? ये करो, वो करो यह सब स्त्रियों को ही बोला जाता है, आखिर क्यों? क्या वह प्राणी नहीं है? क्या उसमें जी नहीं है? क्या उसमें मन नहीं है और ये कहीं और बाहर शुरू नहीं होता यह अपने खुद के घर से ही शुरू होता है और तो और अधिकतर यह जन्म के पूर्व से ही शुरू हो जाता है, घर के अधिकतर लोग चाहते हैं कि आने वाला बच्चा लड़का हो आखिर क्यों? ------ यही Novels आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) "अर्धांगिनी"----- कहने को अर्धांगिनी कहा जाता है परंतु आधा हिस्सा दिया किसने, आधा हक दिया किसने, और आधा अधिकार/मान-सम्मान दिया किसने, आधा तो... More Likes This एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 1 द्वारा Jyoti Prajapati चांदनी - 1 द्वारा Vandna Sharma ख़ाकी बिंदिया - भाग 1 द्वारा Shilpy Aggarwal फरामोश इश्क़ - 1 द्वारा Sakshi Rai अनामिका - 1 द्वारा Vandna Sharma भीड़ में अकेली - 1 द्वारा Alok Mishra झूठ का बोझ - भाग 2 द्वारा deepanshi garg अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी