अभिनव उर्फ चिंटू त्यागी (कार्तिक आर्यन) एक सरकारी अफसर है जिसे शादी के कारण अपनी जिंदगी के असली मजे लेने का अफसोस है। उसकी पत्नी वेदिका (भूमि पेडनेकर) छोटे शहर कानपुर से दिल्ली जाने की ख्वाहिश रखती है। तपस्या सिंह (अनन्या पांडे) एक बिजनेस वुमन है जो अचानक चिंटू की जिंदगी में आती है और सब कुछ बदल देती है। चिंटू अपनी झूठी बातों के जरिए तपस्या के करीब जाने की कोशिश करता है, जिससे कई हास्यप्रद कन्फ्यूजन पैदा होते हैं। फिल्म की कहानी साधारण है, लेकिन डायलोग राइटिंग में कमाल किया गया है। हंसी का सिलसिला फिल्म के शुरू से लेकर अंत तक चलता है, और सभी कलाकारों ने बेहतरीन संवादों का फायदा उठाया है। कार्तिक आर्यन की परफॉर्मेंस अक्षय कुमार की याद दिलाती है, और उन्होंने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। भूमि पेडनेकर ने भी दमदार एक्टिंग की है, विशेषकर एक सीन में जहां वह कहती हैं, 'पतिव्रता अब आउट ऑफ फैशन है...' अनन्या पांडे ने अपने रोल में काफी सुधार किया है और उनकी कॉन्फिडेंस साफ नजर आता है। सहायक कलाकार भी शानदार हैं, विशेषकर अपारशक्ति खुराना, जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को लोटपोट कर दिया। कुल मिलाकर, फिल्म में ढेर सारी कॉमेडी और मनोरंजन है, जो दर्शकों को खूब पसंद आएगी। पति पत्नी और वो - फिल्म रिव्यू - कोमेडी का ओवरडोज या फिर..? Mayur Patel द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 53.3k 4.4k Downloads 15.8k Views Writen by Mayur Patel Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अभिनव उर्फ चिंटू त्यागी (कार्तिक आर्यन) एक सरकारी अफसर है जिसे अफसोस है की जिंदगी के असली मजे लेने से पहेले ही उसे शादी के बंधन में बांध दिया गया है. वेदिका (भूमि पेडनेकर) उसकी पत्नी है जो कानपुर जैसे छोटे शहर से नीकलकर दिल्ली जैसे मेट्रो सिटी में बस जाना चाहती है. तपस्या सिंह (अनन्या पांडे) एक बिजनेस वुमन है जो अचानक ही चिंटु की जिंदगी में आकर खलबली मचा देती है. ‘वो’ के करीब जाने के लिए ‘पति’ एक जूठ बोलता है और उस जूठ को छुपाने के चक्कर में जूठ पे जूठ पे जूठ बोलने की नौबत Novels फिल्म रिव्यू - मयूर पटेल फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई... More Likes This कुछ रिश्ते उलझे से - 1-2 द्वारा Toufeek Ahmad दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में - 1 द्वारा Shivraj Bhokare ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी