यह कहानी एक पिता, मुरली सिवाल, के अपने बेटे जोनाथन के लिए लिखे गए एक भावुक पत्र से शुरू होती है। मुरली अपने बेटे को याद दिलाते हैं कि जीवन एक रहस्य और रोमांच से भरा है, और वे दोनों एक साथ ताजमहल देखने का सपना देखते हैं। लेकिन जब जोनाथन सिर्फ छह साल का होता है, उसकी माँ जेड एक दुखद दुर्घटना में चली जाती है, जिससे उनका जीवन बदल जाता है। कई सालों बाद, जोनाथन बड़ा हो जाता है और अपने नाम को बदलकर जय सिवाल रख लेता है। वह अपने पिता मिखाइल की रहस्यमय गुमनामी की वजह जानने की कोशिश करता है, लेकिन असफल रहता है। अब वह एक साधारण जीवन जी रहा है, बिना किसी उद्देश्य के। कहानी का दूसरा भाग दीव के नागवा बीच पर सेट है, जहाँ भारत सरकार ने 1961 में पुर्तगालियों से दीव और दमन को आज़ाद किया था। दीव एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, खासकर गुजरातियों के लिए, जो यहाँ शराब पीने के लिए आते हैं। कहानी इस तरह जीवन के अनिश्चितताओं और रहस्यों को दर्शाती है, साथ ही एक युवा लड़के की यात्रा को भी बताती है, जो अपने अतीत और अपने पिता की यादों से जूझ रहा है। मिखाइल एक रहस्य - 2 Hussain Chauhan द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 17.4k 5.6k Downloads 13.3k Views Writen by Hussain Chauhan Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरे प्यारे जोनाथन,जेड हमेशा कहा करती थी ज़िन्दगी भी एक जादूगरी ही है, हर पल हर वक़्त रहस्य और रोमांच से भरी पड़ी हुई, कोई भी नही कह सकता कि अगले पल क्या होनेवाला है। और हुआ भी कुछ ऐसा ही, जब तुम छः साल के थे और हम बड़े ही खुश थे कि तुम्हारे आनेवाले जन्मदिन पर एक शानदार पार्टी रखे और ठीक उसी वक़्त एक दर्दनाक हादसे में तुम्हारी माँ जेड हमे छोड़ के चली गयी। खैर छोड़ो इन सब बातों को, आज तुम्हारे डैडी का आखिरी शो है और इसके बाद हम इंडिया चले जायेंगे, तुम चाहते Novels मिखाइल: एक रहस्य आज 'धी ग्रेट म्यूजिशियन ऑफ शिकागो' का आखिरी शो था और उसके प्रमुख जादूगर मुरली सिवाल का भी जिसने बरसो पहले अमरीकी महिला जेड सिल्विया से शादी कर... More Likes This यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai In to the unknown द्वारा Parakshtha यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी