आज पुनिश ने अपने दोस्तों को पार्टी के लिए बुलाया और राजदीप भी आया। राजदीप का सुमति से पुराना परिचय था, इसलिए वह उसके लिए दोस्ती तोड़ना नहीं चाहता था। सुमति राजदीप से बात करने चली जाती है, जो उसके पिता के गुजरने के कारण है। पुनिश को जलन होती है, पर वह कुछ नहीं कर सकता। पुनिश के दोस्तों में से एक कपल की शादी तय हो गई है और वे डेस्टिनेशन वेडिंग करने का सोच रहे हैं। पुनिश ने सबको मुन्नार, केरला जाने का सुझाव दिया, जो सबको पसंद आया। राजदीप ने सुझाव दिया कि बाकी दोस्तों को भी बुला लिया जाए। सुमति ने जाने से मना कर दिया, कहकर कि उसके माता-पिता उसे अकेले नहीं जाने देंगे। पुनिश ने सोचा कि वह सुमति के माता-पिता से बात करेगा ताकि वह भी आ सके। पुनिश ने सुमति को घर छोड़ते समय स्नेहा और राहुल से केरला जाने की बात की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। सुमति ने कहा कि वह अपने माता-पिता के बिना नहीं जाएगी। अंततः, सभी की छुट्टियां खत्म हो गईं और पुनिश का जाने का दिन आ गया। सुमति उसे रेलवे स्टेशन पर छोड़ने गई। ट्रेन में पुनिश ने सुमति से उसके भावनाओं के बारे में पूछा, लेकिन सुमति ने कहा कि वह उसे समझने की कोशिश करे। पुनिश ने कहा कि वह उसे समझता है, इसलिए वह उससे प्यार करता है। चिंटू - 17 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 27.9k 4.4k Downloads 12k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज पुनिश ने अपने सभी फ्रेंड्स को शाम पार्टी के लिए बुलाया था। और राजदीप भी था आया था। पुनिश को वह सुमति से पहले से जानता था तो एक लड़की के लिए फ्रेंडशिप तोड़ना ठीक नहीं लगता। जब वह लड़की हाथ आने ही न वाली हो तब तो ज्यादा। राजदीप को देखकर सुमति सबके अनुमान से विपरीत उससे बात करने चली जाती है। शायद इसके पीछे राजदीप के पापा का गुजर जाना था। वह जानती है बिना पिता के वह कैसे गुजारा कर रहा होगा! राजदीप भी पिछली बाते भूलकर उससे सिर्फ एक दोस्त की तरह ही बात करता Novels चिंटू मां मुझे भूख लगी है, हमे खाना कब मिलेगा? उसकी मां उसे अपनी गोद में बिठाकर कहती है जल्दी ही। पर ये तो आप कब से कह रही है। मुबंई के एक पॉश इ... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी