मोहन सिंह एक साधारण आदमी है जिसने मेहनत करके अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया है। उसके बेटे और बहू अच्छे स्वभाव के हैं और उसकी खूब सेवा करते हैं। स्वामी भारती जी सत्संग में त्याग और दान के महत्व पर बोलते हैं, जिससे मोहन सिंह दान और त्याग के विषय में चिंतन करने लगता है। उसे महसूस होता है कि उसके पास दान करने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन फिर वह अपने बेटे आनंद से बात करते हुए अपनी आंखों का दान करने का निर्णय लेता है। आनंद अपने पिता के इस निर्णय पर गर्व महसूस करता है। वहीं दूसरी ओर, मयंक अपने बुआ जी के घर जाता है और उन्हें कोथली भेंट करता है। बुआ जी उसे देखकर खुशी से गदगद हो जाती हैं और अपने परिवार को बुलाकर मयंक से मिलवाती हैं। बुआ जी अपने भाई-भाभी की तारीफ करती हैं कि वे हमेशा उसे याद रखते हैं और हर त्योहार पर उसका ध्यान करते हैं। यह कहानी त्याग, दान और भारतीय संस्कृति की सुंदरता को दर्शाती है। लघुकथाएँ (दिव्यदान, कोथली) Gyan Prakash Peeyush द्वारा हिंदी लघुकथा 18.3k 2.4k Downloads 11k Views Writen by Gyan Prakash Peeyush Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दिव्य दान.......................मोहन सिंह मामूली हैसियत का आदमी था। उसने मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बना दिया था। उसके बेटे- बहू बहुत अच्छे स्वभाव के थे। समय पर उसे खाना मिल जाता था और हारी- बीमारी में दवा दारू भी। बहू- बेटे की बहुत सेवा करते थे। पड़ौस सत्संग भवन में स्वामी भारती जी आए हुए थे। वे कलयुग में राम नाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बोले "कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उतरी पारा।" अर्थात एक राम का नाम ही कलयुग का आधार है जिसका सुमिरन करने से मनुष्य संसार रूपी सागर से पार उतर More Likes This चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी