अधूरी हवस - 10 Balak lakhani द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

अधूरी हवस - 10

Balak lakhani मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी डरावनी कहानी

(10) दूसरे दिन सुबह मिताली का एसएमएस की जगह फोन ही आ गया राज की आंख मिताली की आवाज से ही खुली, राज ने बिना देखे ही फोन उठा लिया था, मिताली : ओह अभी तक बेड मे पड़े ...और पढ़े