कहानी "अब लौट चले -9" में संध्या एक तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रही है। पहले वह अपने घर में अपनी इच्छाओं का नियंत्रण रखती थी, लेकिन अब अभिषेक के डराने वाले व्यवहार के सामने झुक जाती है। सुबह चार बजे, अभिषेक उसे जल्दी तैयार होने के लिए कहता है, और संध्या को उसकी चिंता समझ में नहीं आती। वह चुपचाप तैयार होती है और फिर अभिषेक के साथ बाहर निकलती है, जहां दो लग्जरी कारें खड़ी हैं। एक महिला उसे कार में बैठने का इशारा करती है, और संध्या खुद को कैदी की तरह महसूस करती है। चार घंटे की यात्रा के बाद, वे रवि के ऑफिस पहुंचते हैं, और संध्या अभिषेक से पूछती है कि वे यहां क्यों आए हैं। अभिषेक उसे चुप रहने के लिए कहता है, और महिलाएं भी उसे ऐसा करने के लिए इशारा करती हैं। संध्या को यह बात समझ में नहीं आती कि अगर बात करनी थी तो घर पर क्यों नहीं की जा सकती। फिर वे लिफ्ट के जरिए बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर जाते हैं। संध्या के मन में यह सवाल चल रहा है कि उन्हें अपनी निजी जिंदगी में क्यों शामिल किया जा रहा है। जब वे एक आलिशान लॉबी में पहुंचते हैं, तो वह हैरान रह जाती है, और तभी उसे अपने पैरों के पास किसी का एहसास होता है। अब लौट चले - 9 Deepak Bundela Arymoulik द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 11.2k 4.4k Downloads 10k Views Writen by Deepak Bundela Arymoulik Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अब लौट चले -9किसी ज़माने में इस घर में मेरी मर्ज़ी चला करती थी और मनु चुपचाप मेरी ज़िद के आगे झुक जाया करता था. ठीक उसी तरह आज में अभिषेक के आगे झुक गई थी एक अजीब सी दहशत उसके चेहरे पर दिखाई दी थी... जिसने मुझें सहमने पर मज़बूर कर दिया था... सुबह के 4 बज चुके थे अभिषेक मेरे पास आया था... में जाग रहीं थी.. संध्या जी... ! चलिए जल्दी से तैयार हो जाइये बस हमें 1 घंटे में निकलना हैं... मुझें लगता हैं तुम बेबजह परेशान हो रहें हो.. देखिये सुबह सुबह मै कोई फालतू बात ना करना चाहता Novels अब लौट चले अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून से भरा गर्त के अँधेरे को ची... More Likes This पवित्र बहु - 18 द्वारा archana बारिशवाला प्यार - 2 द्वारा Radha राहें - 11 द्वारा shiromani mathur द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 द्वारा kanta सीक्रेट:वो लड़की - 3 द्वारा kanta पांच वादों की दुल्हन - भाग 1 द्वारा kanta अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp divine अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी