यह कहानी "बड़ी दीदी" शरतचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखी गई है। इसमें ब्रजराज बाबू की बेटी माधवी की दुखद कहानी है। चार साल पहले ब्रजराज बाबू की पत्नी का निधन हो गया। माधवी, जो मात्र 16 वर्ष की है, अपने पति योगेन्द्रनाथ को खो देती है। उनका विवाह 11 साल की उम्र में हुआ था, और तीन साल तक उन्होंने एक सुखी जीवन बिताया। योगेन्द्रनाथ के निधन के समय, उन्होंने माधवी से कहा कि वह अपने जीवन को दूसरों के सुख के लिए समर्पित करे और दुखी चेहरों को खुश करने का प्रयास करे। माधवी अपने पति की बातों को गंभीरता से लेती है और अपने स्वभाव की नकारात्मक भावनाओं को त्याग देती है। वह अपने पति के प्रति अपनी श्रद्धा और प्यार को बनाए रखती है, और अपने जीवन को दूसरों के सुख में बिताने का संकल्प करती है। माधवी की कहानी एक प्रेरणादायक संदेश देती है कि कैसे कठिनाइयों के बावजूद, हमें जीवन में सकारात्मकता और सहानुभूति को अपनाना चाहिए। बड़ी दीदी - 3 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 35.8k 12k Downloads 28.8k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लगभग चार वर्ष हुए, ब्रजराज बाबु की पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। बुंढ़ापे के पत्नी वियोग का दुःख बूढ़े ही समझ सकते है, लेकिन इस बात को जाने दीजिए। उनकी लाडली बेटी माधवी इस सोलह वर्ष की उम्र में अपना पति गंवा बैठी है। उससे अपना पति गंवा बैठी है। उससे ब्रजराज बाबू के बदन का आधा लहू सूख गया है। उन्होंने बड़े शौक और धूमधाम से अपनी कन्या का विवाह किया था। वह स्वयं धन सम्पन्न थे, इसलिए उन्होंने धन की ओर बिल्कुल ध्यान नही दिया। लड़के के पास धन-सम्पत्ति हे या नहीं, इसकी खोज नहीं की। केवल यह देखा कि लड़का लिख-पढ़ रहा है, सुन्दर है, सुशील है, सीधा-साधा है। बस यही देखकर उन्होंने माधवी का विवाह कर दिया था। Novels बड़ी दीदी इस धरती पर एक विशिष्ट प्रकार के लोग भी वसते है। यह फूस की आग की तरह होते हैं। वह झट से जल उठते हैं और फिर चटपट बुझ जाते हैं। व्यक्तियों के पीठे हर समय... More Likes This खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी