विवेक फोन डिसकनेक्ट करके आरती के पास बैठता है, लेकिन वह तनाव में है। आरती उसके हाथ पर दबाव महसूस करती है और चिंतित होती है। विवेक बताता है कि उसे विशू का फोन आया था, लेकिन आरती उसे विश्वास नहीं करती। विवेक फिर से फोन करने की कोशिश करता है, लेकिन नंबर गायब हो जाता है, जिससे वह और परेशान हो जाता है। फिर वे शैली के पास जाते हैं, जो अपने पति का हाथ पकड़े रो रही है। शैली आरती को देखकर अपनी निराशा व्यक्त करती है और कहती है कि उसका जीवन बर्बाद हो गया है। आरती उसे सांत्वना देती है और उससे हिम्मत रखने के लिए कहती है। डॉक्टर मेहता कमरे में आते हैं और शैली की स्थिति पूछते हैं। वे कहते हैं कि वह उसे घर ले जा सकते हैं, लेकिन दो दिन बाद उन्हें एक खास जगह पर ले जाना होगा, जहां उसे खुशी मिल सकती है। सुबह, कमला शैली और विवेक को देखकर खुश होती है और जूस बनाने की पेशकश करती है। शैली घर के हर कोने में अपने बेटे विशू की यादों के साथ अकेली महसूस करती है, और विवेक को भी उसके चेहरे की याद सताती रहती है। सिर्फ जिस्म नहीं मैं - 2 Divya Sharma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 22k 9k Downloads 15.6k Views Writen by Divya Sharma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण फोन को डिसकनेक्ट कर वह आरती के बगल में बैठ जाता है।माथे पर पसीने की बूंद उभर आती है।टेंशन में आरती के हाथ पर दबाव डालने लगता है।दर्द से आरती कराह उठती है और विवेक को बोलती है.."विवेक!ऐसे हाथ क्यों दबा रहे हो क्या हुआ तुम्हें?""वो.. फोन!"वह जवाब देता है।" फोन!...फोन क्या विवेक?""अभी फोन आया था उसका।""किसका फोन!क्या बोल रहे हो ठीक से बताओ।""विशू का।"विवेक ने अटकते हुए कहा।"विशू!विवेक दिमाग खराब है क्या।क्या अनापशनाप बोल रहे हो।""मैं सच कह रहा हूं विश्वास करो।""कूल डाउन विवेक।बहुत समय से यह सब झेल रहे हो आप ऐसा भ्रम हो जाता है रिलैक्स।"आरती उसे Novels सिर्फ जिस्म नहीं मैं मैं सिर्फ एक जिस्म नहीं..शॉवर के नीचे खड़ी हो अपने शरीर को तेज हाथों से रगड़ने लगी।हाथों का दबाव लगातार बढता जा रहा था और आँखों से निकलता सैलाब बंध तोड़क... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी