इस कहानी में महारानी सुनयना अपने पति राजा जनक से सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का मार्ग चुनने के बारे में चिंता व्यक्त करती हैं। वे राजा जनक से पूछती हैं कि क्या यह उचित नहीं होता कि वे स्वयं सीता के लिए सबसे अच्छे वर का चयन करते। सुनयना का कहना है कि सीता को इतना स्नेह दिया गया है कि उसके जन्मदाता भी उतना स्नेह नहीं कर पाते। वे यह भी चिंतित हैं कि यदि कोई भी वीर 'शिव-धनुष' पर प्रत्यञ्चा चढ़ाने में असफल रहता है, तो उनकी पुत्री जीवनभर कुँवारी रह जाएगी। राजा जनक उन्हें आश्वस्त करते हैं कि उनकी चिंताएं व्यर्थ हैं। महर्षि विश्वामित्र के आगमन और अयोध्या के नरेश दशरथ के पुत्रों की उपस्थिति ने उनकी चिंताओं को दूर कर दिया है। राजा जनक श्री राम की महानता का उदाहरण देते हैं, जिन्होंने देवी अहिल्या को सम्मानित किया और यह साबित किया कि धरती वीरों से भरी हुई है। वे सुनयना को विश्वास दिलाते हैं कि श्री राम ही सीता के लिए सही वर होंगे और उनका निर्णय उचित है। राजा जनक का मानना है कि समाज में सीता के जन्म पर उठाए गए प्रश्नों का सामना करना आवश्यक है। सीता Shikha Kaushik द्वारा हिंदी महिला विशेष 8.2k 2.9k Downloads 9.5k Views Writen by Shikha Kaushik Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ''आपने सीता के विवाह हेतु स्वयंवर का मार्ग क्यूँ चुना ? क्या यह उचित न होता कि आप स्वयं सीता के लिए सर्वश्रेष्ठ वर का चयन करते ?मैं इस तथ्य से भी भली-भांति परिचित हूँ कि सीता को जन्म मैंने नहीं दिया पर पालन-पोषण तो हम दोनों ने ही किया है .आपने सीता को इतना स्नेह दिया है कि अगर उसके स्वयं के पिता भी उसका पालन-पोषण करते तो उतना स्नेह न दे पाते . सीता भी तो स्वयं को जानकी ,जनकनंदनी कहे जाने पर हर्षित हो उठती है . आपने स्वयंवर के साथ ''वीर्य-शुल्क'' के रूप में 'शिव-धनुष'' पर More Likes This मंदिर में तुम - 3 द्वारा Sonam Brijwasi टूटता हुआ मन - भाग 2 द्वारा prem chand hembram कर्मजली कोख... - 1 द्वारा kalpita राहें - 1 द्वारा shiromani mathur पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 11 द्वारा Sonam Brijwasi Devil की दास्तान - 1 द्वारा Sonam Brijwasi हवेली से दफ्तर तक - 1 द्वारा prachi Gurjar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी