कहानी में एक महिला अपनी भावनाओं और संघर्षों के बारे में सोच रही है। वह बेड पर लेटी हुई है और मन में यह जद्दोजहद कर रही है कि क्यों ना वह गायब हो जाए, ताकि कोई उसे न पहचान सके। वह मनु को फिर से देखने की इच्छा रखती है, क्योंकि उसे यकीन है कि मनु उसे देखकर फिर से प्यार करेगा। तभी उसे अपने पिता का फोन आता है, जिससे पता चलता है कि उसे बेंगलौर जाना है। यह सुनकर वह चिंतित हो जाती है, क्योंकि वह सोचती है कि अगर मनु को वहीं मिलना है तो वह यहाँ क्यों आई थी। वह अभिषेक से मिलने की इच्छा व्यक्त करती है, लेकिन अभिषेक उसे समझाता है कि उसे जाना होगा। महिला अपनी स्थिति को लेकर उदास है और सोचती है कि उसने अपनी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी है। वह महसूस करती है कि न तो वह मनु की हो सकी और न ही जिसे उसने चाहा, वह उसका हो सका। अंत में, वह अभिषेक के कमरे की ओर जाती है और उसे जाने की बात कहती है, लेकिन अभिषेक उसे रोकता है और सवाल करता है कि वह यहाँ क्यों आई थी। यह भावनात्मक कहानी प्रेम, खोने और आत्म-खोज के बारे में है। अब लौट चले - 8 Deepak Bundela Arymoulik द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 9.5k 4.1k Downloads 9.8k Views Writen by Deepak Bundela Arymoulik Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण और में फिर हारी हुई सी बेड पर आकर लेट गई थी.. मन में काफ़ी जद्दोजहद थी कभी मन करता के क्यों ना गुम नाम ही हो जाऊं... किसी को कुछ भी ना पता चले... लेकिन कैसे...? बस एकबार मनु को जी भर के देख लूं... बस फिर कभी किसी के सामने नहीं आउंगी.... लेकिन उसे देखने भर से क्या मुझें सुकून मिलेगा...? शायद ये भी तो हो सकता हैं कि वो मुझें एकबार देखें और फिर मोहब्बत जाग जाए... वो तो मुझसे प्यार करता था... मेरे लिए तो उसने क्या नहीं किया इतने सालों तक यहां मेरी ही यादों के सहारे Novels अब लौट चले अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून से भरा गर्त के अँधेरे को ची... More Likes This अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp devine जिस जीवन में तुम थे - 5 द्वारा SHREYA INDUSHREE गांव की वह शाम द्वारा Akanksha Dubey सफ़ेद शॉल - 1 द्वारा SHREYA INDUSHREE नम आँखे - 5 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein अम्मा - 3 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein गोदान : शब्दार्थ सहित - भाग 1 द्वारा Shivam Kumar Pandey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी