इंद्रधनुष सतरंगा - 18 Mohd Arshad Khan द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

इंद्रधनुष सतरंगा - 18

Mohd Arshad Khan द्वारा हिंदी प्रेरक कथा

मोबले शाम तक अस्पताल में रहे। उन्हें देखने कोई नहीं आया, अलावा आतिश जी के। उन्हें आधे घंटे बाद ही ख़बर हो गई थी। फौरन भागे आए। हालाँकि उन्हें अख़बार के लिए एक ज़रूरी रिपोर्ट तैयार करनी थी। समय ...और पढ़े