कहानी "डोर – रिश्तों का बंधन" में नयना और विवेक के बीच के रिश्ते को दर्शाया गया है। नयना ने विवेक को कनाडा जाने वाली टीम में शामिल करने के लिए प्रकाश मोसाजी से सिफारिश की। जब विवेक का वीज़ा और टिकट तैयार हो गया, तो वह बहुत उत्साहित था, लेकिन नयना के मन में चिंता थी। वह चाहती थी कि विवेक अपना इरादा बदल दे और परिवार के साथ रहे। विवेक के जाने के दिन नयना ने खुद को खुश दिखाने की कोशिश की, लेकिन उसके भीतर एक शून्यता और निराशा थी। विवेक के जाने के बाद नयना ने समझने की कोशिश की कि यह केवल एक साल की बात है, लेकिन उसके परिवार की उम्मीदों का बोझ उसे भारी लगने लगा। उसके माता-पिता को भी विवेक की कमी महसूस होने लगी, और नयना पर इसका दोष मढ़ा जाने लगा। कहानी रिश्तों की जटिलता और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच के संघर्ष को उजागर करती है। डोर – रिश्तों का बंधन - 5 Ankita Bhargava द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 17.9k 6.2k Downloads 13.5k Views Writen by Ankita Bhargava Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नयना के एक बार कहने भर से प्रकाश मोसाजी ने कनाडा जाने वाली टीम में विवेक को शामिल करने की सिफारिश ही नहीं की वरन उसका चयन होने के बाद पासपोर्ट, वीज़ा आदि बनवाने में भी उसकी हर तरह की मदद की। विवेक का वीज़ा भी बन गया और टिकट भी आ गया। विवेक तो बहुत उत्साहित था पर जैसे जैसे उसके जाने का दिन पास आ रहा था नयना का दिल बैठा जा रहा था। विवेक का सामान पैक करने की आड़ में वह पूरा पूरा दिन खुद को उलझाए रखती पर कहीं चैन ना पाती। वह जानती थी उसकी इच्छा कोई महत्व नहीं रखती पर फिर भी वह चाहती थी कि विवेक अपना इरादा बदल दे। काश कोई तो हो जो विवेक को कनाडा ना जाने के लिए मना ले। पता नहीं विवेक ने यह कैसी ज़िद पकड़ ली है, डिप्लोमा तो यहां भारत में भी हो सकता है ना उसके लिए अपने परिवार से इतनी दूर परदेस जाने की क्या जरूरत है। Novels डोर – रिश्तों का बंधन ढ़ोलकी की थाप पर जैसे ही गीत शुरु हुआ सुरेश की आंखों के कोर भीग गए। कैसा माहौल होता है बेटी की शादी में। घर में रौनक भी होती है और खुशियाँ भी पर दिल मे... More Likes This एक मुलाकात द्वारा Raaz Anjan बनारस की ख़ामोशी - 1 द्वारा Neha kariyaal अरबपति वारिस से गुमनाम लड़की तक - भाग 1 द्वारा Fictional world नफरत वाला इश्क - 1 द्वारा princi Saini तेरे हो गये हम - भाग 1 द्वारा siddhi patel I Am Your Bodyguard - 1 द्वारा shimbha Verma Love Life - 1 द्वारा shimbha Verma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी