इस कहानी में एक बुढ़िया अपने बेटे ललूआ के लौटने का इंतजार कर रही है, जबकि उसकी बहू उसे तिरस्कार करती है। ललूआ शहर में काम करने गया है और उसकी माँ, पति के निधन के बाद, कठिनाईयों में अपने बेटे को पढ़ाया है। जब ललूआ अंततः घर लौटता है, तो उसकी माँ अपनी खुशी और प्यार को व्यक्त करती है, लेकिन ललूआ को फिर से शहर लौटना पड़ता है। वह अपनी माँ को आश्वासन देता है कि वह हमेशा उसके लिए उपलब्ध रहेगा और कुछ पैसे भी उसे देता है। कहानी में माँ का त्याग, बेटे की जिम्मेदारियाँ और पारिवारिक बंधन को सुंदरता से दर्शाया गया है। अंत में, माँ अपने बेटे को जाते हुए देखती है, उसके लिए सुखद जीवन जीने की उम्मीद के साथ। अवलंब Dr Narendra Shukl द्वारा हिंदी लघुकथा 10.7k 1.8k Downloads 8.4k Views Writen by Dr Narendra Shukl Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ‘तू आने दे ललूआ को . . . सारी बात बताउंगी । एक टेढ़ी सी लकड़ी के सहारे चलती हुई बुढ़िया ने बहू से कहा । ‘ ‘ हां हां देख लूंगी । काम तो करती नहीं . . . उपर से चाहिये साबूदाने की खीर । रामदेयी बड़बड़ाती हुई रसोई घर में घुस गई ।‘ आज बुढ़िया ने कुछ नहीं खाया । केवल रोती रही । लालमणि आज होता तो क्या बहू ऐसा बोलने की हिम्मत कर सकती थी । लालमणि रूपया कमाने शहर गया है । पति के मरने के बाद उसने जैसे - तैसे लोगों की गालियां More Likes This जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी