भले आदमी! Arpan Kumar द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

भले आदमी!

Arpan Kumar मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

“अरे मत पूछो यार, वह बहुत घटिया आदमी था...” एक भला आदमी दूसरे भले आदमी से रात्रि के यही कोई पौने नौ बजे दक्षिणी दिल्ली के एक बस-स्टैंड पर बैठा अपनी टाँगें झुलाते हुए और मूँगफली के छिलके यत्र-तत्र ...और पढ़े