कहानी "परिणीता" में ललिता नाम की एक लड़की है, जो अपने मोहल्ले में एक बूढ़े फकीर की बहुत मदद करती है। फकीर भजन गाकर भीख मांगता है और ललिता उसे हमेशा एक रूपया देती है, जिससे वह बहुत खुश होता है और ललिता को आशीर्वाद देता है। फकीर उसे अपनी माँ समझता है और उसे 'माँ' कहकर पुकारता है। एक दिन, जब ललिता ने फकीर को आवाज देते सुना, तो वह परेशान हो गई क्योंकि उसके घर में शेखर नाम का एक व्यक्ति मौजूद था, जिससे वह रूपया मांगने नहीं जा सकती थी। उसने अपनी मामी से मदद मांगी, लेकिन वह नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। अंत में, ललिता ने अपनी छोटी बहन अन्नाकाली से कहा कि वह शेखर से एक रूपया लाने जाए। अन्नाकाली ने शेखर से रूपया लिया और ललिता को दे दिया। हालांकि, ललिता ने फकीर को रूपया देकर उसे निराश नहीं किया, फिर भी उसका मन परेशान था और उसने फकीर के आशीर्वाद को भी नहीं सुना। कहानी में ललिता के मन की द्वन्द्वता और उसकी दयालुता को दर्शाया गया है। परिणीता - 4 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 35.9k 13.5k Downloads 25.7k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उस मोहल्ले में अक्सर एक दीन-दुखी बूढ़ा फकीर भीख मांगने आया करता था। उस बेचारे पर ललिता की बड़ी ममता थी। जब कभी वह भजन गाकर भिक्षा मांगता था, तो ललिता उसे एक रूपया दिया करती थी। एक रूपया प्राप्त होने पर उसके आनन्द का ठिकाना न रहता था। ललिता को वह सैकड़ों आशीर्वाद देता था और वह बड़े चाव से उन आशीर्वादो को सुनती थी। फकीर कहता था- ‘ललिता उस जन्म की मेरी माँ है!’ पहली दृष्टि पड़ते ही फकीर उसे अपनी माँ समझने लगा है। वह बड़े ही करूण स्वर में उसे अपनी माँ कहकर पुकारता है। आज भी उसने आते ही माँ को पुकार- ‘ओ माँ! मेरी माँ तुम आज कहाँ हो?’ Novels परिणीता विचारों में डूबे हुए गुरूचरण बापु एकांत कमरे में बेठें थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा-‘बाबू! बाबू। माँ ने एक नन्हीं सी बच्ची को जन्म दिया है।’ यह शुभ... More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी