इन्तज़ार Kalyan Singh द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

इन्तज़ार

Kalyan Singh द्वारा हिंदी लघुकथा

दोपहर का समय था मैं और अनूप अपनी फील्ड ट्रेनिंग पर चेन्नई जा रहे थे , तभी हमारी ट्रेन नागपुर पहुंची और हमें अपनी सामने वाली नीचे की सीट का बलिदान करने का समय आ गया था क्योकि उस ...और पढ़े