चिंटू की जिंदगी में परेशानियां बढ़ रही थीं जब सुमति खुश होकर सौम्या बन गई। सुमति के जाने के बाद चिंटू को एहसास हुआ कि उसने क्या खोया है, और सुमति ने अपना नंबर बदलकर उससे संपर्क करना मुश्किल कर दिया। पिया, जिसे सुमति के जाने का कारण पता था, ने चिंटू को उसका नंबर नहीं दिया, जिससे चिंटू और भी निराश हो गया। कॉलेज का तीसरा साल खत्म हो रहा था, और चिंटू की पढ़ाई पर ध्यान नहीं था। उसकी रिश्तेदारी मन्नू और राधा के साथ टूट चुकी थी, जिससे उसके रिज़ल्ट पर असर पड़ा। प्रिंसिपल ने उसे ऑफिस बुलाया और उसकी पढ़ाई की चिंता जताई, सुझाव दिया कि वह प्यार के चक्कर से दूर रहे और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करे। चिंटू ने आश्वासन दिया कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान देगा। जब वह ऑफिस से बाहर आया, तो उसने मन्नू को देखा, लेकिन मन्नू ने उसे अनदेखा किया। चिंटू ने मन्नू से बात करने की कोशिश की, लेकिन मन्नू ने उसे तिरछी नजर से देखा और कहा कि वे छोटे लोग हैं, बड़े लोगों से बात नहीं कर सकते। चिंटू ने मन्नू से माफी मांगी, लेकिन मन्नू ने उसे और भी निराश किया। चिंटू क्लास में गया, जहां रिया उसका इंतज़ार कर रही थी। उसने चिंटू से प्रिंसिपल की बात के बारे में पूछा, और चिंटू ने बताया कि उसका रिज़ल्ट गिर रहा है। चिंटू - 10 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 15.5k 5.4k Downloads 14.7k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुमति जब सौम्या बनकर खुश थी वहां चिंटू की परेशानियां बढ़ रही थी। सुमति के जाने के बाद उसे पता चला उसने क्या खोया है। सुमति ने अपना नंबर भी बदल दिया था तो वह चाहकर भी उससे बात नहीं कर पा रहा था। पिया को पता चल गया था किस वजह से सुमति यहां से गई है तो वह चिंटू के मांगने पर भी सुमति का मोबाइल नंबर नहीं देती है। और होशियार भी देखो, चिंटू उसके मोबाइल से नंबर निकाल ले उसके लिए वह नंबर मुंहजबानी याद रखती है। मोबाइल में सेव भी नहीं करती। और चिंटू की Novels चिंटू मां मुझे भूख लगी है, हमे खाना कब मिलेगा? उसकी मां उसे अपनी गोद में बिठाकर कहती है जल्दी ही। पर ये तो आप कब से कह रही है। मुबंई के एक पॉश इ... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी