सड़क के किनारे Saadat Hasan Manto द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

सड़क के किनारे

Saadat Hasan Manto मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

“यही दिन थे..... आसमान उस की आँखों की तरह ऐसा ही नीला था जैसा कि आज है। धुला हुआ, निथरा हुआ.... और धूप भी ऐसी ही कनकनी थी... सुहाने ख़्वाबों की तरह। मिट्टी की बॉस भी ऐसी ही थी ...और पढ़े

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