कहानी "मायामृग" में उदित, जो बार-बार नौकरी बदलता है, अपने परिवार के साथ समय बिताता है। विवाह के बाद, उदित और उसकी पत्नी शुभ्रा शहर से बाहर कुछ समय बिताते हैं, पर शुभ्रा अपने परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती है। वह दूसरों के साथ आसानी से घुल मिल जाती है, लेकिन अपने घर में एक कठपुतली सी बनकर रह जाती है। उदय, शुभ्रा का पति, उसकी चिंता करता है, लेकिन शुभ्रा अपने दायित्वों में इतनी लिपटी रहती है कि वह अपनी बहू गर्वी को परिवार के मूल्यों के बारे में नहीं समझा पाती। शुभ्रा को यह समझना चाहिए था कि परिवार में हर सदस्य की भूमिका होती है और उन्हें एक-दूसरे की परवाह करनी चाहिए। कहानी में यह दिखाया गया है कि उदित और गर्वी के रिश्ते में समझ की कमी है, और शुभ्रा की जिम्मेदारी थी कि वह गर्वी को सही मार्गदर्शन देती। अंततः, यह कहानी परिवार के सदस्यों के बीच सहयोग और समझ की आवश्यकता को दर्शाती है, ताकि सभी एक साथ मिलकर जीवन की कठिनाइयों का सामना कर सकें। मायामृग - 11 DrPranava Bharti द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 7.1k 3k Downloads 8k Views Writen by DrPranava Bharti Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उदित अपने स्वभावानुसार नौकरियाँ बदलता रहा था, विवाह के लगभग दो वर्षों के बाद शहर से बाहर भी दो-तीन वर्ष दोनों पति-पत्नी रह आए थे पास ही थे अत: या तो वे दोनों आ जाते अथवा उदय व गर्वी उनके पास एक-दो दिन के लिए चले जाते ठीक ही कट रहा था समय ! समय आवाज़ नहीं करता, बेआवाज़ ही सबका मोल-भाव चुका लेता है उदित जिस कंपनी में जाता, अपना स्थान बहुत जल्दी बना लेता और वहाँ एक ऊँची ‘पोज़ीशन’बना लेता शनै: शनै: यहीं से ही उसे अपना स्वयं का काम करने की धुन सवार हो चुकी थी, कितना समझाया गया किन्तु उसकी समझ में आया ही नहीं तब तक उदय भी नौकरी कर रहे थे और शुभ्रा भी Novels मायामृग यूँ तो सब ज़िंदगी की असलियत से परिचित हैं, सब जानते हैं मनुष्य के जन्म के साथ ही उसके जाने का समय भी विधाता ने जन्म के साथ ही जाने का समय भी लिखकर भीतर... More Likes This एक अनजानी कशिश - 1 द्वारा miss unknown रिटर्न ऑफ़ द किंग - 4 द्वारा Aparajita Tripathi कांच के टुकड़े, बिखरे सपने - भाग 1 द्वारा sukhvinder Singh Rai कॉलेज लाइफ - 1 द्वारा Smit Banugariya K Drama Obsession द्वारा Alone Soul मेरे दर्द का मरहम था वो - 1 द्वारा A Singh नफ़रत से लेकर सिंदूर तक का सफर - भाग 1 द्वारा sangeeta sirohi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी