कहानी में उदय और शुभ्रा अपने छोटे भाई के हृदय रोग के इलाज के लिए मद्रास जाते हैं। उदय के भाई को सरकारी नौकरी से स्वास्थ्य सुविधाएँ मिली हुई थीं, लेकिन गुजरात में हृदय के ऑपरेशन की सुविधाएँ कम थीं। उदय घबराने वाले स्वभाव के थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी साथ बुलाया। शुभ्रा, जो उदय की पत्नी है, उनके लिए महत्वपूर्ण 'मॉरल सपोर्ट' रही है। कहानी में यह भी दिखाया गया है कि उदय और शुभ्रा की बेटी दीति की सास ने उनकी माँ को अपने पास बुला लिया, जिससे उनकी माँ को संकोच का सामना करना पड़ा। यह सामाजिक बदलाव और पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं को दर्शाता है। इसके अलावा, उदित और गर्वी का विवाह तय हुआ है, लेकिन उदय पुरानी परंपराओं के कारण गर्वी के घर आने से असहज महसूस करते हैं। वह इस बात की चिंता करते हैं कि गर्वी पर किसी की निगाह न पड़े, क्योंकि वह परिवार की भावी बहू है। शुभ्रा को उम्मीद है कि गर्वी इस परिवार को संगठित रखेगी, जैसे उसने अपने माता-पिता के बाद किया था। मायामृग - 6 DrPranava Bharti द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 3.3k 4.1k Downloads 8.6k Views Writen by DrPranava Bharti Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इस बीच उदय के छोटे भाई के ह्रदय-रोग से पीड़ित हो जाने के कारण उदय व शुभ्रा को इलाज़ के लिए उसे लेकर मद्रास जाना पड़ा उदय का छोटा भाई भी सरकारी नौकरी में था और उसे स्वास्थ्य-संबंधी सभी सुविधाएँ प्राप्त थीं उन दिनों गुजरात में ह्रदय के ऑपरेशन की बहुत अधिक सुविधा नहीं थी ह्रदय-रोग का इलाज़ गुजरात की अपेक्षा मद्रास में अधिक सुचारू रूप से किया जाता था सरकारी सुविधा होने के कारण मद्रास ले जाने का निर्णय ही सबको उचित लगा उदय बहुत जल्दी घबराने वालों में से थे अत: उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी छोटी बहन को व बड़ी बहन के बेटे को भी अपने साथ मद्रास चलने के लिए बुला लिया था उदय बहुत ढीली प्रकृति के थे, उन्हें अपने साथ अधिक लोग देखकर सांत्वना प्राप्त होती थी Novels मायामृग यूँ तो सब ज़िंदगी की असलियत से परिचित हैं, सब जानते हैं मनुष्य के जन्म के साथ ही उसके जाने का समय भी विधाता ने जन्म के साथ ही जाने का समय भी लिखकर भीतर... More Likes This एकतरफा प्यार है ये - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri पहली मुलाकात डेविल से प्यार - 1 द्वारा goldi तुमसे मिलकर लगा... - भाग 1 द्वारा PRINCE खामोशी की छांव में - भाग 1 द्वारा mahendr Kachariya तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 1 द्वारा Khwaab ध्रुव की तारा - भाग 1 द्वारा Anamika सौभाग्याची शपथ - भाग 4 द्वारा jayesh zomate अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी