इंद्रधनुष सतरंगा - 3 Mohd Arshad Khan द्वारा प्रेरक कथा में हिंदी पीडीएफ

इंद्रधनुष सतरंगा - 3

Mohd Arshad Khan द्वारा हिंदी प्रेरक कथा

‘‘अरे मौलाना साहब, कर्तार जी! सब आ जाओ, जल्दी!’’ एक दिन घोष बाबू ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहे थे। आवाज़ सुनकर जो जिस हालत में था, वैसा ही निकल भागा। मौलाना साहब अलीगढ़ी पाजामे पर आधी बाँहोंवाली बनियान पहने स्कूटर धुलने ...और पढ़े