संतर पन्च Saadat Hasan Manto द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

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Saadat Hasan Manto मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

मैं लाहौर के एक स्टूडियो में मुलाज़िम हुआ जिस का मालिक मेरा बंबई का दोस्त था उस ने मेरा इस्तिक़बाल क्या मैं उस की गाड़ी में स्टूडियो पहुंचा था बग़लगीर होने के बाद उस ने अपनी शराफ़त भरी मोंछों ...और पढ़े

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