औकात राज बोहरे द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

औकात

राज बोहरे द्वारा हिंदी लघुकथा

कहानी- राजनारायण बोहरे औकात जिस दिन से दिनेश अहमदाबाद आये, मन का चैन छिन गया। एक लम्बे अरसे से वह उससे दूर रहे आये हैं और उन्होंने मन में यही तय किया था कि आयन्दा जीते ...और पढ़े