उदास क्यों हो निन्नी...? - 2 प्रियंका गुप्ता द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

उदास क्यों हो निन्नी...? - 2

प्रियंका गुप्ता द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

आज सोचती हूँ, उस दिन अनुज दा मुझे समझाते तो शायद एक अनजान रास्ते पर यूँ बढ़ते मेरे कदम रुक गए होते, पर अनुज दा की ज़बान पर ताला तो खुद मैं ही डाल आई थी न...। घर छोड़ ...और पढ़े