सोच और संघर्ष Dr Vatsala J Pande द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

सोच और संघर्ष

Dr Vatsala J Pande द्वारा हिंदी लघुकथा

अरे आज भी तुम ये छोटी छोटी मछलियां पकड़ लाये , कितनी बार समझाया की समुद्र में थोड़ी दूर तक जाओ , थोड़ी बड़ी मोटी मछली लाओ ,कुछ आमदनी बढे और कुछ हमारा रहन सहन ऊंचा हो, कब तक ...और पढ़े