नाम में क्या रखा है... प्रियंका गुप्ता द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

नाम में क्या रखा है...

प्रियंका गुप्ता द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

शाम के साढ़े छः बजे थे। वो बस अभी ही कमरे में घुसी थी। पूरा दिन कितना तो थकान भरा रहता है, पहले ऑफ़िस की चकपक से जूझो, फिर रास्ते के ट्रैफ़िक की चिल्लपों...नर्क लगती है ज़िन्दगी...। ऐसे में ...और पढ़े