भोजपुरी माटी Radheshyam Kesari द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

भोजपुरी माटी

Radheshyam Kesari द्वारा हिंदी कविता

आइल गरमी ------------- सूरज खड़ा कपारे आइल, गर्मी में मनवा अकुलाइल। दुपहरिया में छाता तनले, बबूर खड़े सीवान। टहनी,टहनी बया चिरईया, डल्ले रहे मचान। उ बबूर के तरवां मनई, बैईठ ,बैईठ सुस्ताइल। गइल पताले पानी तरवां, गड़ही,पोखर सुखल इनरवां। ...और पढ़े