रात को कहानी की नायिका दिल्ली पहुंची, जहां अवि और निशु उसे लेने आए। रवि भाई अपनी कार हॉस्पिटल में छोड़कर घर गए, जहां परिवार ने उसका इंतजार किया। घर पहुंचते ही चंटू-बंटू ने उसे गले लगा लिया और थोड़ी देर परिवार के साथ बैठकर सो गई। सुबह उठने पर उसे थकान महसूस हुई, लेकिन उसने सोचा कि साकेत अकेला न पड़े, इसलिए वह तैयार होकर नीचे गई। उसे अवि के मैसेजेस मिले, जिसमें उन्होंने लंच साथ करने का प्रस्ताव दिया। लेकिन पेशेंट्स की अधिकता के कारण वह नहीं जा सकी। अवि ने डिनर के लिए पूछा, लेकिन उसने बाहर खाना नहीं खाने का फैसला किया और भाभी से खिचड़ी बनाने को कहा। अवि ने कहा कि वह उसकी कमी महसूस कर रहा है। बातचीत के दौरान, नायिका ने बताया कि वह अभी व्यस्त है और अवि को बताया कि वह रात को देर तक काम कर सकती है। अवि ने कहा कि वह उसके पास आएगा, लेकिन नायिका ने उसे बताया कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा। अवि ने शादी की बात पर चर्चा करने का इरादा व्यक्त किया। रात को घर पहुंचने पर परिवार ने खाना खाया, और रवि भाई ने उसे देखा। नायिका ने खाना खाकर अपने कमरे में जा रही थी कि अवि का फोन आया। दोनों की बातचीत में अवि ने उसे बताया कि वह जानता था कि वह नहाकर आई है। नायिका ने कहा कि आज उसकी बात करने का मन नहीं है और कल बात करने का प्रस्ताव रखा। कहानी में परिवार के साथ जुड़ाव, पेशेवर जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत संबंधों की झलक मिलती है। मनचाहा - 36 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 31.4k 4.9k Downloads 9.1k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात को हम दिल्ली पहुंचे। अवि और निशु को लेने ड्राईवर आया था कार लेकर। रवि भाई अपनी कार हॉस्पिटल में ही छोड़ गए थे तो रवि भाई और मै साथ में ही घर चले गए। घर पर सब इंतजार करते ही बैठे थे। जैसे ही घर पहुंची चंटू-बंटू दोनों आकर लिपट गए। सब के साथ कुछ देर बैठकर सोने चली गई। सुबह उठी तब भी थकान नहीं गई थी। पर कब तक थककर बैठी रहूंगी। वहा साकेत भी अकेला पड़ जाएगा। चलो जाती ही हुं। सुबह नहा धोकर तैयार होकर नीचे जा रही थी अपना वॉट्सऐप चैक करते हुए। Novels मनचाहा जब से होश संभाला पापा को संघर्ष करते हुए देखा है मैंने। फिर भी मम्मी बिना किसी शिकायत के जिंदगी में साथ दें रहीं हैं। हम नोर्थ दिल्ली में रहते हैं। मे... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी