अवि की मल्टी स्पेशियली हॉस्पिटल ने जल्दी ही अच्छी पहचान बना ली है, और नए डॉक्टर्स भी शामिल हुए हैं, लेकिन निर्णय लेने का अधिकार अवि के पास है। उसने एक नियम बनाया है कि सभी डॉक्टर्स लंच टाइम में एक साथ बैठेंगे ताकि वे अपने केसों पर चर्चा कर सकें। दिशा-राजा और रिद्धि-रजत की शादियाँ धूमधाम से हुई हैं, जबकि काव्या अपने लिए सही साथी की तलाश में है। अवि ने निशु और रवि के रिश्ते को मंजूरी दी है, लेकिन जब उसके माता-पिता शादी की बात करते हैं, तो अवि टाल जाता है। रवि अवि के बदलते व्यवहार को लेकर चिंतित है, खासकर पाखि के बारे में। पाखि और साकेत कभी-कभार हॉस्पिटल में जाते हैं, जिससे अवि को लगता है कि उसे अब फर्क नहीं पड़ता। पाखि के लिए भी रिश्ते आ रहे हैं, लेकिन उसने सभी को मना कर दिया है कि जब उसे शादी करनी होगी, तब बताएगी। इस दीपावली, सब शिमला जाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बस से यात्रा करने का निर्णय लिया है, ताकि वे आराम से जा सकें। काव्या, रिद्धि और राजत इस यात्रा में शामिल हैं, जबकि मीना अमेरिका में नहीं आ पाई। अवि की दोस्त श्रुति भी आ रही है, जिसका तलाक हो चुका है और अब वह अवि के अस्पताल में काम कर रही है। पाखि को चिंता है कि कहीं श्रुति और अवि एक न हो जाएं। रात को सब तय स्थान पर पहुँचते हैं, और यात्रा के लिए कुल तीस लोग जा रहे हैं। नए कपल्स पीछे की सीट पर बैठे हैं, लेकिन अवि श्रुति के साथ बैठा है, जिसे देखकर पाखि गुस्से से उन्हें देखती है। मनचाहा - 35 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 60.4k 6.3k Downloads 14.2k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अवि की मल्टी स्पेशियली हॉस्पिटल ने कुछ ही वक्त में अपना नाम कमा लिया है। साथ में कुछ और डॉक्टर्स ने भी हॉस्पिटल ज्वॉइन किया है। पर ऑथोरिटी अवि के पास ही है। पर अवि ने एक नियम अच्छा बनाया था हॉस्पिटल में। सब डॉक्टर्स lunch time में साथ ही lunch करने बैठेंगे। ताकि सब को टाइम मिले साथ में बैठने का और अपने cases डिस्कस करने का। दिशा और राजा की शादी धूमधाम से हो गई है और रिद्धि ओर रजत की भी शादी हो चुकी है। दोनों की शादी में सबने बहुत एन्जॉय किया था। काव्या अब भी Novels मनचाहा जब से होश संभाला पापा को संघर्ष करते हुए देखा है मैंने। फिर भी मम्मी बिना किसी शिकायत के जिंदगी में साथ दें रहीं हैं। हम नोर्थ दिल्ली में रहते हैं। मे... More Likes This प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose नया बॉडीगार्ड - 1 द्वारा Miss Secret वो जिंदा है - 1 द्वारा S Sinha नागमणी की श्रापित नागरानी - 1 द्वारा Piyu soul अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी