कहानी "आमची मुम्बई" में लेखक संतोष श्रीवास्तव ने मुम्बई के सिनेमाघरों का वर्णन किया है, विशेष रूप से मराठा मंदिर और इरोज़ सिनेमाघर का। लेखक ने अपनी यादों में झांकते हुए बताया है कि कैसे उन्होंने पहली बार "दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे" फिल्म देखी थी, जब काजोल की शादी नहीं हुई थी, और यह फिल्म अब भी चल रही है। मुम्बई की गलियाँ, जहाँ उन्होंने अपनी जवानी बिताई, आज भी उन्हें याद हैं। इरोज़ सिनेमाघर का विवरण देते हुए, लेखक ने इसकी खूबसूरती और आकर्षण के बारे में लिखा है, जो लंदन के सिनेमा हॉलों से प्रेरित है। यह सिनेमाघर 1938 में बना था और इसकी विशेषताएँ जैसे वाइड एंगिल स्क्रीन और लेटेस्ट साउंड सिस्टम इसे अन्य सिनेमाघरों से अलग बनाती हैं। चर्चगेट स्टेशन के पास होने के कारण, यह हमेशा दर्शकों का ध्यान आकर्षित करता है। कुल मिलाकर, यह कहानी मुम्बई के सिनेमाघरों के प्रति लेखक की श्रद्धा और उनकी यादों की एक झलक है। आमची मुम्बई - 28 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी यात्रा विशेष 3.4k Downloads 9.2k Views Writen by Santosh Srivastav Category यात्रा विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जब जबलपुर में थी तो मुम्बई का मराठा मंदिर सिनेमाघर बहुत आकर्षित करता था मुम्बई सैंट्रल स्टेशन के सामने यह सिनेमाघर सालों साल चलने वाली सुपरहिट फिल्मों से दर्शक वर्ग को अपनी ओर खींचता था मराठा मंदिर में मैंने पहली फिल्म देखी“दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे” जब यह फिल्म रिलीज़ हुई थी तो इसकी नायिका काजोल की शादी नहीं हुई थी और यह फिल्म अभी भी मॉर्निंग शो में चल रही है काजोल की शादी हुई, बच्चे हुए और फिल्म चलती रही निश्चय ही काजोल जब मराठा मंदिर के सामने से गुज़रती होगीतो ये शेर उसके ज़ेहन में आता होगा- Novels आमची मुम्बई मेरे बचपन की यादों में जिस तरह अलीबाबा, सिंदबाद, अलादीन, पंचतंत्र की कहानियाँ और अलिफ़ लैला के संग शहर बगदाद आज भी ज़िंदा है उसी प्रकार पिछले सैंतीस वर्... More Likes This अकेली दुनिया - 1 द्वारा prashant raghav कांचा - भाग 2 द्वारा Raj Phulware अंतरा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware संस्कृति का पथिक - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सत्रह बरस की तन्हा कहानी - 1 द्वारा yafshu love कलकत्ता यात्रा (प्रथम संस्मरण ) द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी वक़्त की क़ैद: ऐत-बेनहद्दू की दीवारों में जो दबा है - 1 द्वारा Tiths Empire अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी