इस कहानी में एक माँ अपने बेटे से सुनती है कि उसकी बुआ उसे देखकर कितनी खुश हुईं। बेटे की बातें सुनकर माँ को अपने मायके की याद आती है और उसे उदासी होती है कि इस बार उसके मायके से तीज का सिंधारा नहीं आया। पति उसे मुस्कराते हुए बताते हैं कि मायके से न आने पर कोई बात नहीं है, लेकिन माँ का मानना है कि सिंधारा केवल दिखावा नहीं है, बल्कि यह मायके से जुड़े प्यार और सम्मान का प्रतीक है। फिर माँ की बहन फोन करती है और बताती है कि भाई की नई नौकरी के कारण वह तीज के लिए सामान नहीं भेज पाई। माँ को यह सुनकर खुशी होती है कि उसका भाई और परिवार उसे याद कर रहा है। अंत में, भाभी पूछती है कि बच्चों के लिए कौन सा मीठा भेजा जाए, जिससे माँ खुश हो जाती है। कहानी में परिवार के प्यार और रिश्तों की गहराई को दर्शाया गया है। तीज का सिंधारा Saroj Prajapati द्वारा हिंदी लघुकथा 12.8k 3.1k Downloads 13.9k Views Writen by Saroj Prajapati Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "मम्मी बुआ मुझे देख कर इतनी खुश हुई ना कि मैं आपको बता नहीं सकता। बुआ को समझ ही नहीं आ रहा था ,मुझे क्या खिलाए ,कहां बिठाए । उन्होंने मेरे खाने पीने के लिए इतनी चीजें बना दी कि मैं आपको क्या बताऊं । यह तो पता था मुझे देख कर वह खुश होंगी लेकिन इतना, इसका मुझे अंदाजा नहीं था।"' मेरा 18 वर्षीय बेटा, जो आज अपनी बुआ के घर तीज का सिंधारा दे कर लौटा था खुश होते हुए बता रहा था।उसकी बातें सुन मैं सोचने लगी की हम बेटियां चाहे कितनी ही बड़ी हो जाएं लेकिन More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी