संध्या कुछ दिनों के लिए अपनी भाभी के मायके आई थी, और आरव उसे पहचानता था लेकिन कभी मिला नहीं था। आरव ने पहली बार किसी कार्यक्रम में संध्या को देखा था और उसे पसंद करने लगा था। लेकिन जब उसे संध्या की शादी की चर्चा सुनाई दी, तो उसे बहुत बुरा लगा और उसकी सारी ख्वाहिशें खत्म हो गईं। एक रात, संध्या अचानक आरव की गोद में गिर गई, जिससे वह डर गई और आरव ने उसे संभालने की कोशिश की। अगले दिन, संध्या ने आरव की माँ के सामने चाय बनाई, और आरव की माँ ने संध्या की तारीफ की। आरव ने झूठी मुस्कान के साथ वहाँ से चले जाने का फैसला किया। कुछ दिन बाद, जब संध्या विदा लेने लगी, आरव अपने कमरे में अकेला था। लेकिन जब संध्या ने कहा कि शादी की केवल चर्चा हुई है, उसकी शादी नहीं, तो आरव को आश्चर्य हुआ और उसने खुशी से संध्या को गले लगा लिया। संध्या Roopanjali singh parmar द्वारा हिंदी नाटक 2.8k 3.5k Downloads 16.9k Views Writen by Roopanjali singh parmar Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण संध्या कुछ दिनों के लिए अपनी भाभी के मायके आई थी। यूँ तो पारिवारिक रिश्तों की वजह से आरव उसे पहचानता था, लेकिन कभी मिला नहीं था। किसी कार्यक्रम में संध्या को उसने पहली बार देखा था, और तब से ही वो उसे पसंद करने लगा था। लेकिन कभी कह नहीं सका।संध्या पीले रंग के सलवार सूट में खड़ी थी, वो संध्या को निहार रहा था। संध्या के लंबे बाल उड़ते हुए आपस में उलझ रहे थे, और उनमें उलझ रहा था वो। की तभी अचानक उसकी तन्द्रा टूटी, जब उसने संध्या की शादी की चर्चा सुनी। संध्या की भाभी More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 1 द्वारा Abantika अदृश्य पीया - 3 द्वारा Sonam Brijwasi सौदे का सिन्दूर - भाग 1 द्वारा Anil singh इस घर में प्यार मना है - 1 द्वारा Sonam Brijwasi गुमनाम - एपिसोड 1 द्वारा वंदना जैन बाबा भाग 1 द्वारा Raj Phulware सर्जा राजा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी