यह कहानी समय के दो पहलुओं को दर्शाती है। लेखक गायत्री राव ने अपने बचपन की यादों को एक बार फिर जीने की इच्छा व्यक्त की है। वह चाहती हैं कि समय एक पल के लिए पीछे लौट जाए ताकि वह अपने बचपन का आनंद ले सकें। कविता में यह भी व्यक्त किया गया है कि इंतज़ार में अकेलापन महसूस होता है, और भरी महफ़िल में भी तन्हाई का अहसास होता है। जीवन की कशमकश में वह अपने प्रियजनों से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इसके साथ ही अपनी पहचान को खोते जा रही हैं। लेखक ने यह भी बताया है कि कभी-कभी शब्दों की तलाश में मुश्किल होती है, क्योंकि नजरें बहुत कुछ कह देती हैं। अंत में, यह भी बताया गया है कि जीवन की कठिनाइयों में साथ देने वाले लोग कम होते हैं, जबकि राह छोड़कर जाने वाले कई होते हैं। कुल मिलाकर, यह कहानी बचपन की यादों, अकेलेपन, जीवन की कठिनाइयों और रिश्तों की गहराई को दर्शाती है। शायराना कलाम Dr Gayathri Rao द्वारा हिंदी कविता 3.2k 2.3k Downloads 11.8k Views Writen by Dr Gayathri Rao Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शायराना कलम - कुछ भावनाये,कुछ एहसास,...मेरी शायरी के कुछ नगीने जो आप सबको पेश करती हु. More Likes This जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अदृश्य त्याग अर्धांगिनी - 1 द्वारा archana ग़ज़ल - सहारा में चल के देखते हैं - प्रस्तावना द्वारा alka agrwal raj अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी