वैशाली एक सुबह ऑफिस के काम में लेट हो जाती है और अपने साथी अतुल से घर छोड़ने के लिए कहती है। अतुल मना कर देता है, क्योंकि उसे अकेले छोड़ना मुश्किल लगता है। दोनों में हल्की-फुल्की नोकझोंक होती है, लेकिन अंततः वे एक साथ ऑफिस से बाहर निकलते हैं। अतुल बाइक चला कर वैशाली को कॉफी शॉप ले जाता है। वहां, कॉफी पीते समय अतुल अचानक पूछता है कि वैशाली उसे घर बुलाएगी। वैशाली इस सवाल से चौंक जाती है और थोड़ी घबराहट में प्रतिक्रिया देती है। कहानी में उनके बीच के प्यार और दोस्ती की झलक दिखाई देती है। नई सुबह Seema Singh द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 19k 3.1k Downloads 13.1k Views Writen by Seema Singh Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “टन-टन...” दीवार पर टंगी घड़ी ने समय बताया तो चौंक कर सिर ऊपर कर वैशाली बड़बड़ाई, “उफ़.! आज फिर लेट हो गयी, ये क्लोजिंग का काम भी ना, कितना टाइम लग जाता है, इतना बड़ा स्टाफ है ! मगर एरिया मैनेजर हूँ ना, सबको फुर्सत मिल जाएगी मुझे नहीं. प्लीज़ आज भी घर छोड़ दोगे?” वैशाली ने अतुल से पूछा. “नहीं” अतुल ने सख्त चेहरा बनाते हुए कहा. “कल भी तो छोड़ा था ना! पता भी है मेरे दिल पर क्या बीतती है जब तुम बाय बोल कर घर की तरफ चली जाती हो और मैं अकेला खड़ा रह जाता हूँ. नहीं!! मुझसे ना होगा! आज किसी और से कहो.” More Likes This धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी