देवांग अपने छोटे भाई रूपल को पटाखे खरीदने ले जाने के लिए घर आया, लेकिन उसे पता चला कि रूपल सो गया है। देवांग ने अपनी पत्नी को बताया कि ऑफिस में मीटिंग की वजह से वह अपने बेटे को पटाखे नहीं दिला सका। पत्नी ने कहा कि रूपल तो बच्चा है और उसे पटाखों की जरूरत है। खाने के बाद देवांग अपने स्टडीरूम में गया लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। वह अपने बचपन की यादों में खो गया, जब उसके पिता रवींद्रभाई भी उसे पटाखे नहीं दिला पाते थे। इस बार रवींद्रभाई ने तय किया था कि वह देवांग को पटाखे जरूर दिलाएंगे। उन्होंने अपने दोस्त रामजीभाई से पटाखों की फैक्टरी में जाने का प्लान बनाया। जब रवींद्रभाई ने देवांग को फैक्टरी जाने की बात बताई, तो देवांग बहुत खुश हुआ। अगले दिन वे फैक्टरी पहुंचे, लेकिन वहां का माहौल बहुत खराब था। फैक्टरी में छोटे बच्चे काम कर रहे थे और रवींद्रभाई इस पर दुखी थे। देवांग पटाखों को देखकर खुश था, लेकिन उसने देखा कि वहां बच्चे काम कर रहे हैं। इस पर उसने रामजीभाई से सवाल किया। यह कहानी बच्चों के काम करने की स्थिति और परिवार के बीच खुशी और दुख के भावों पर आधारित है। खुशी નિમિષા દલાલ્ द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 8.5k 2.9k Downloads 7k Views Writen by નિમિષા દલાલ્ Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “रूपल निहार कहा है?’ घर में आते ही देवांग ने पूछा.“सो गया रोते रोते, आज आप उसे पटाखे लेने ले जाने वाले थे. आपका इंतजार करते करते सो गया. वो तो खाना भी नहीं खानेवाला था. पर बाबुजीने समजाबुजाकर उनके साथ उसे भी खाना खिला दिया.”“अरे हाँ, आज शाम को ऑफिस से निकल ही रहा था की अचानक एक मीटिंग आ गयी सो जाना पड़ा. पर फिर भी मैं कैसे उसे पटाखे न लेने के लिए समजाता? मेरी समजमे तो कुछ नहीं आ रहा है.. तुम तो जानती हो मैं क्यों पटाखे नहीं लाता.” देवान्गाने शू की लेस खोलते जवाब More Likes This गरीब के बहते आंसु - 1 द्वारा prem chand hembram बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी