कई सालों से अम्मा का मन था कि वे "गया" जाकर पापा का पिंडदान करें। हर साल योजना बनती, लेकिन टल जाती। इस बार मैंने रेलवे की साइट खोली और गया के लिए रिज़र्वेशन चेक किया। इलाहाबाद होकर रिज़र्वेशन मिल गया। होटल भी बुक किया। हम सतना से इलाहाबाद पहुंचे और ट्रेन के लिए प्लेटफार्म पर पहुंचे। ट्रेन में स्लीपर क्लास में आरक्षण मिला, लेकिन हमारी बर्थ पर पहले से कोई सो रहा था। काफी समझाने के बाद वो उतरा। यात्रा के दौरान ट्रेन में भीड़ बढ़ गई और टॉयलेट में लाइट और पानी नहीं था। सुबह हम गया स्टेशन पहुंचे और होटल जाकर नहाने के बाद पिंडदान स्थल की ओर रवाना हुए। पिंडदान स्थल पहुंचकर वहां की गंदगी देखकर आश्चर्य हुआ। पंडों के परेशान करने की बातें सुन रखी थीं, लेकिन हमें ऐसा कुछ अनुभव नहीं हुआ। पूजा के लिए एक युवा पंडा मिला जिसने उचित रकम लेकर पूजा कराई। विष्णु पद मंदिर की ओर बढ़ते हुए गंदगी और पत्तलों का सामना करना पड़ा। हम विष्णु पद के मुख्य स्थल पर पहुंचे, जहां एक बड़ा कुंड था। कैसे मोक्ष हो यहां....! vandana A dubey द्वारा हिंदी यात्रा विशेष 5.8k 3.3k Downloads 9.4k Views Writen by vandana A dubey Category यात्रा विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कई सालों से अम्मा का मन था कि हम दोनों “गया” जायें और पापा का पिंडदान करके आयें. हर साल प्रोग्राम बनता, और फिर किसी न किसी कारण से टल जाता. इस बार मैने एक दिन बस यूं ही रेल्वे की साइट खोली और गया के रिज़र्वेशन देखने शुरु किये. सारी ट्रेनें फुल थीं. इलाहाबाद होके देखा तो मिल गया रिज़र्वेशन. आने-जाने दोनों का. रात में बैठ के बोध गया के होटल सर्च किये, और एक बढिया होटल में कमरा भी बुक हो गया.नियत समय पर हम सतना से इलाहाबाद पहुंच गये. आने वाली ट्रेन भी एक दम सही समय पर आ रही More Likes This अकेली दुनिया - 1 द्वारा prashant raghav कांचा - भाग 2 द्वारा Raj Phulware अंतरा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware संस्कृति का पथिक - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सत्रह बरस की तन्हा कहानी - 1 द्वारा yafshu love कलकत्ता यात्रा (प्रथम संस्मरण ) द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी वक़्त की क़ैद: ऐत-बेनहद्दू की दीवारों में जो दबा है - 1 द्वारा Tiths Empire अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी