यह कहानी एक युवा लड़की की है, जो अपने दोस्त मानव के साथ समय बिता रही है। मानव उसे फिल्म देखने के लिए बुला रहा है, लेकिन वह अपनी काल्पनिक दुनिया में खोई हुई है और वहां से बाहर निकलना नहीं चाहती। मानव की चंचलता और उसके प्यार भरे शब्दों से यह प्रतीत होता है कि वे बहुत करीबी दोस्त हैं, लेकिन लड़की इस रिश्ते को और आगे नहीं बढ़ाना चाहती। वह फिल्म देखने के लिए जाने का मन नहीं बना पा रही है और मानव के साथ उसकी मस्ती और शरारतें उसे कभी खुश करती हैं तो कभी उसे परेशान भी करती हैं। कहानी में लड़की की आंतरिक दुनिया और उसके और मानव के बीच की जटिलता को दर्शाया गया है। समयरेखा Anju Sharma द्वारा हिंदी लघुकथा 4.9k 2.2k Downloads 8.2k Views Writen by Anju Sharma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण छह बजने में आधा घंटा बाक़ी है और अभी तक तुम तैयार नहीं हुई! पिक्चर निकल जाएगी, जानेमन!!! मानव ने एकाएक पीछे से आकर मुझे बाँहों में भरते हुए ज़ोर से हिला दिया! बचपन से उसकी आदत थी, मैं जब-जब क्षितिज को देखते हुए अपने ही ख्यालों में डूबी कहीं खो जाती, वह ऐसे ही मुझे अपनी दुनिया में लौटा लाता! उसका मुझे 'जानेमन' कहना या बाँहों में भरकर मेरा गाल चूम लेना किसी के मन में भी भ्रम उत्पन्न कर सकता था कि वो मेरा प्रेमी है! More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी