यह कविता उन अंग्रेजों के नए साल का जश्न मनाने के खिलाफ है, जिन्होंने भारत को गुलाम बनाया और देशवासियों पर अत्याचार किए। कवि का कहना है कि नए साल के मौके पर लोग अपने स्वाभिमान को भूलकर पागलपन की ओर बढ़ते हैं। वे राम-कृष्ण के वंशज और भारत के निवासी होने पर गर्व करते हैं, और अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हैं। कवि ने यह भी कहा है कि वे विदेशी संस्कृति को अपनाने के बजाय अपने देश की महानता को स्वीकारते हैं। कविता में यह संदेश दिया गया है कि हमें अपने वीरों के बलिदानों का सम्मान करना चाहिए और विदेशी प्रभाव से दूर रहना चाहिए। कवि स्वाभिमान के साथ जीने की बात करते हैं और दूसरों को भी यही सलाह देते हैं कि वे अपनी संस्कृति का सम्मान करें और विदेशी कदमों में न पड़ें। अंत में, कवि ने भारत की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा है कि इसका सम्मान न करने पर बुद्धि का पतन होगा। मा भारती - गुलामी के बाद का भारत all FAN club द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4.9k 2.5k Downloads 9.4k Views Writen by all FAN club Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जिन्होंने हमारे भारत देश को गुलाम बनाया और देशवासियों पर भयंकर अत्याचार किये, उन अंग्रेजों की नई साल को न मनाने पर तर्क प्रस्तुत करती मेरी कविता........------------------------------------------------नये साल के आ जाने पर, कितना ज्यादा शोर है,कुछ लोगों की हालत देखो, पागलपन की ओर है।अँगरेजों के नये साल पर, यह इतना चिल्लाते हैं,भूल के सारे स्वाभिमान को, यह पागल बन जाते हैं।राम-कृष्ण के वँशज हैं हम, More Likes This बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी