इस कहानी में शामा नाम की एक महिला का अनुभव वर्णित है जो रात के समय अकेली अपने घर में डर और घबराहट का सामना कर रही है। खाना बनाते समय उसे ऐसा महसूस होता है कि उसके खाने में मांस है, जबकि उसने मांस नहीं लिया था। यह सोचकर वह डर जाती है। इसके बाद, उसे अपने आस-पास एक अजीब बदबू महसूस होती है और उसे लगता है कि कोई उसके साथ है। रात का समय और भी डरावना होता जा रहा है, और शामा की घबराहट बढ़ती जाती है। वह मकान मालिक को फोन करने की सोचती है, लेकिन रात के दो बजे होने के कारण उसे डर लगता है कि लोग उसकी बात का मजाक उड़ा सकते हैं। अपने डर से बचने के लिए, वह बिस्तर में चादर में लिपट जाती है, लेकिन उसे ऐसा लगता है कि उसके बिस्तर के नीचे कोई है। जब वह डरते-डरते बिस्तर से बाहर झांकने लगती है, तो वह जोर-जोर से चीखने लगती है और दरवाजे की ओर भागती है, लेकिन दरवाजा नहीं खुलता। फिर वह खिड़की की ओर भागती है, जहाँ वह मदद के लिए चिल्लाती है, लेकिन कोई उसकी आवाज़ नहीं सुनता। रात के तीन बजे होने के बाद भी कोई उसकी मदद के लिए नहीं आता, और शामा की स्थिति और भी बुरी होती जा रही है। कहानी में शामा के डर और अकेलेपन का अनुभव प्रमुखता से उभरा है। डर - भाग - 2 सीमा कपूर द्वारा हिंदी डरावनी कहानी 68.3k 5.1k Downloads 15.2k Views Writen by सीमा कपूर Category डरावनी कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नमस्कार दोस्तो जैसा की आप इसके आगे का भाग-1में पड़ चुके हैं,,उसे लागा शायद लोगो की बातो का असर हो गया होगा।खाना ढ़क कर वह tv चलाने गई,जैसे खाना प्लेट में डाला वह मांसाहारी हो गया,शा़मा ने प्लेट ही फेक दी,और घबराकर डरने लगी मन ही मन में कहने लगी की मैंने तो मांस नहीं लिया था...उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगाऔर भूख तो जैसे मर सी गई हो बस डर और डर ही चेहरे पर था। उसे बार बार यहीं महसूस हो रहा था जैसे की कोई ना कोई उसके साथ हैं।उसको अचानक से अपने आस पास से बदबू Novels डर एक ऐसी कहानी जो आधी रात के साए से गुजर रही हैं,, कोई साया तो नहीं ना मेरे आस-पास यही सोच कर दिल धक धक होता हैं__एक महिला नाम(शा़मा)जो अकेले रहा करती... More Likes This Raaz - Part 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput Mitalika - Ek Adhuri Prem Kahani - Part 1 द्वारा fiza saifi Devil की दास्तान - 2 द्वारा Sonam Brijwasi 1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA गुरूजी के मार्गदर्शन में - 1 द्वारा H.k Bhardwaj यह कैसा अहसास - भाग 1 द्वारा H.k Bhardwaj Raat ka Raja - Part 1 द्वारा Sandhya Devi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी