रेखा रात को चिंता में थी क्योंकि उसका बेटा अभय देर से घर नहीं आया था और फोन भी नहीं उठा रहा था। उसने पति हिमांशु और बेटी इला को इस बारे में बताया, लेकिन दोनों ने उसे लापरवाही से टाल दिया। जब अभय आया, तो उसने बताया कि वह दोस्तों के साथ मूवी देखने गया था और फोन की बैटरी खत्म हो गई थी। रेखा ने उसे समझाया कि एक फोन करने से उसकी चिंता कम हो सकती थी, लेकिन अभय ने कहा कि वह बड़ा हो गया है और उसे स्पेस चाहिए। इला ने भी अभय का समर्थन किया, जिससे रेखा को लगा कि उसके परिवार ने उसके खिलाफ एक मोर्चा बना लिया है। रेखा दुखी होकर बोली कि वह मां है और अपने बच्चों की चिंता करना उसका कर्तव्य है। अभय ने कहा कि उसने उन्हें अपनी जिंदगी का केंद्र बना लिया है, जबकि उनके पास अपनी बाहरी दुनिया भी है। इला ने सुझाव दिया कि रेखा अपने शौक पूरे करे। रेखा ने बताया कि उसने बच्चों की देखभाल और सास-ससुर की सेवा के लिए नौकरी छोड़ दी थी, और अब उसे लगता है कि उसकी पहचान केवल मां और पत्नी के रूप में रह गई है। अब उसे अपने जीवन में रिक्तता को भरने के लिए अपने शौक को फिर से जीना होगा। स्पेस Seema Jain द्वारा हिंदी लघुकथा 25.1k 3.9k Downloads 13.4k Views Writen by Seema Jain Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात के नौ बज गए थे, रेखा चिंता के कारण परेशान हो रही थी। पुत्र अभय अभी तक नहीं आया था ना फोन उठा रहा था। ड्राइंग रूम में पति हिमांशु और पुत्री इला टीवी देखने में मस्त थे। एक दो बार रेखा ने दबी जबान में कहा भी ,अभय को बहुत देर हो गई है। दोनों ने लापरवाही से कहा ,आ जाएगा बेकार परेशान मत हुआ करो । तभी अभय को आया देख रेखा आतुरता से बोली ,”बेटा कहां रह गया था ?कॉलेज से कहीं चला गया था क्या? एक फोन ही कर देता।” अभय लापरवाही से बोला,” मॉम More Likes This मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी