कहानी "काँटों से खींच कर ये आँचल" में एक महिला, अनुभा, अपने जीवन के कठिनाइयों और अकेलेपन का सामना कर रही है। वह एक व्यक्ति से मिलती है, जो अपने टूटे हुए परिवार को समेटने का आग्रह करता है। यह व्यक्ति, जो पहले से ही दुखी है, अनुभा से कहता है कि उसकी गृहस्थी बिखर गई है और वह थक चुका है। उनकी बड़ी बेटी दीक्षा की शादी अपनी मर्जी से हो चुकी है और छोटा बेटा अक्षित मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। अनुभा अपने जीवन में एक शून्यता महसूस करती है और धीरे-धीरे उस व्यक्ति के परिवार की पार्टियों में शामिल होने लगती है, लेकिन वह हमेशा चुप रहती है क्योंकि उसके पास साझा करने के लिए कुछ नहीं है। एक दिन, जब महिलाएं अपने बच्चों की पसंद के बारे में बात कर रही होती हैं, अनुभा गलती से अपने बच्चों के बारे में कुछ कह देती है, जिससे उसके जीवन में एक नई शुरुआत की झलक मिलती है। कहानी एक गहन भावनात्मक यात्रा है, जिसमें अकेलेपन, परिवार के टूटने और सामाजिक जुड़ाव के प्रयासों की जटिलताएँ दर्शाई गई हैं। काँटों से खींच कर ये आँचल - 3 Rita Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 15.1k 6.7k Downloads 12.2k Views Writen by Rita Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “रेगिस्तान में उगे किसी कैक्टस की ही भांति मेरा जीवन शुष्क और कंटीला है. संभल कर रहना अनुभा कहीं मेरे कांटे तुम्हें भी जख्मी ना कर दें”, इन्होने कहा तो मैं चौंक गयी कि कैक्टस पर मेरा सर्वाधिकार नहीं है. वे बोल रहे थें और मैं सोच रही थी कि इससे पहले किसने मुझसे इतनी आत्मीयता से बात किया होगा. उन्होंने मेरा हाथ थाम लिया और विनीत हो कह उठे, “मेरी बिखरी गृहस्थी को समेट लो, मैं अब थक गया हूँ तुम अब संभाल लो. सुलभा के जाने के बाद मैंने अपना तबादला उस जगह से करा लिया. नहीं थी मुझमें इतनी हिम्मत कि लोगो के सवालों के जवाब दूँ” Novels काँटों से खींच कर ये आँचल क्षितीज पर सिन्दूरी सांझ उतर रही थी और अंतस में जमा हुआ बहुत कुछ जैसे पिघलता जा रहा था. मन में जाग रही नयी-नयी ऊष्मा से दिलों दिमाग पर जमी बर्फ अब पिघ... More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी