कहानी "कांट्रैक्टर" में राकेश, बिकास, और चरणजीत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं। राकेश कुछ संकोच में हैं लेकिन अपने सहकर्मियों की प्रशंसा को हल्का करने के लिए मजाक करते हैं। फिर वे कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा करते हैं, जिसमें प्रवेश द्वार, कुर्सियाँ, मंच और अन्य व्यवस्थाएँ शामिल हैं। राकेश ने सुनिश्चित किया है कि सभी स्टाफ सदस्यों और उनके परिवारों को आमंत्रित किया जाए। कार्यक्रम में नृत्य, लघु-नाटिकाएँ, कविता पाठ, और गाने की व्यवस्था होगी। अंत में, बिकास राकेश की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हैं और खाने के मेनू के बारे में पूछते हैं। कांट्रैक्टर - 4 Arpan Kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 5.3k 3.1k Downloads 8.3k Views Writen by Arpan Kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण राकेश हल्का सा मुस्कुराता हुआ चुप ही रहा। वह कुछ संकोच में भी आ रहा था। चरणजीत ने बिकास की बात को पूरी शिद्दत से आगे बढ़ाते हुए और पहले राकेश एवं बाद में बिकास चटर्जी की ओर देखते हुए कहा, आप बिल्कुल दुरुस्त कह रहे हैं दादा। सोलह आना सच। एकदम किसी खरे सोने के माफ़िक। Novels कांट्रैक्टर सब अपने-अपने हिसाब से नौकरी करने आए थे। सब अपने-अपने हिसाब से नौकरी किए जा रहे थे। अगर देखा जाए तो आख़िरकार कोई ऑफिस भला क्या होता है! राजनीति और कार्य... More Likes This पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी